Tuesday, 7 August 2012

शाम जब भी उदास होती है

तू मेरे दिल के पास होती है

सुनके आहट हवा के पैरों की

तेरे आने की आस होती है

तेरे हौले से मुस्कुराने में

जाने कितनी मिठास होती है

सच ही कहते है ज़माने वाले

तेरी हर बात खास होती है

जब भी पर्दा उठाया यादों ने

तू मेरे आस-पास होती है.

                   (राधेश्याम सक्सेना ‘घायल’)

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