शाम जब भी उदास होती है
तू मेरे दिल के पास होती है
सुनके आहट हवा के पैरों की
तेरे आने की आस होती है
तेरे हौले से मुस्कुराने में
जाने कितनी मिठास होती है
सच ही कहते है ज़माने वाले
तेरी हर बात खास होती है
जब भी पर्दा उठाया यादों ने
तू मेरे आस-पास होती है.
(राधेश्याम सक्सेना ‘घायल’)
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