Monday, 13 August 2012


आज तुमसे बिछड रहा हूँ

आज कहता हूँ फिर मिलूँगा तुमसे

तुम मेरा इंतज़ार करती रहो

आज का एतबार करती रहो

लोग कहते है वक्त चलता है

और इंसान भी बदलता है

काश रुक जाए वक्त आज की रात

 और बदले न कोई आज के बाद

वक्त बदले ये दिल न बदलेगा

तुमसे रिश्ता कभी न टूटेगा

तुम ही खुशबू हो मेरी सांसो की

तुम ही मंजिल हो मेरे सपनो की

लोग बोते है प्यार के सपने

और सपने बिखर भी जाते है

एक एहसास ही तो है ये वफ़ा

और अहसास मर भी जाते है.

                         (सुदर्शन फाखिर)

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